हमारे शरीर मे एक तंत्रिका तंत्र होता है जो मस्तिष्क को विभिन्न संकेत
भेजता है, जैसे स्पर्श, तापमान, स्वाद,दर्द की अनुभूति इत्यादि। जब आप किसी
वस्तु को छूते है, उस समय तापमान महसूस करने वाली कोशीकायें मस्तिष्क को
संदेश भेजती है कि यह वस्तु उष्ण है या शीतल।
तंत्रिका तंत्र की कोशीकायें कुछ रसायनो का प्रभाव भी महसूस करती है। उनके प्रभाव से भी वे मस्तिष्क को संदेश भेजती है।
मिर्च मे एक रसायन होता है, कैपसाइसीन (capsaicin)।
इस रसायन के हमारे शरीर के तंत्रिका तंत्र के संपर्क मे आने पर प्रभावित अंग की तंत्रिका कोशीकाये मस्तिष्क को जलन और उष्णता के संकेत भेजना प्रारंभ करती है।
मिर्च की जलन से बचने के लिये प्रभावित अंग के तंत्रिका तंत्र के संपर्क मे कोई दूसरा रसायन आना चाहिये, जिससे तंत्रिकाये मस्तिष्क को अन्य संकेत भेज सके। यह दूसरा रसायन जल, दूध, बर्फ या मिठाई भी हो सकती है।
ध्यान रहे हमारी जिव्हा मे तंत्रिका कोशीकाये ज्यादा घनत्व मे होती है।...........साभार (विज्ञानं विश्व )
तंत्रिका तंत्र की कोशीकायें कुछ रसायनो का प्रभाव भी महसूस करती है। उनके प्रभाव से भी वे मस्तिष्क को संदेश भेजती है।
मिर्च मे एक रसायन होता है, कैपसाइसीन (capsaicin)।
इस रसायन के हमारे शरीर के तंत्रिका तंत्र के संपर्क मे आने पर प्रभावित अंग की तंत्रिका कोशीकाये मस्तिष्क को जलन और उष्णता के संकेत भेजना प्रारंभ करती है।
मिर्च की जलन से बचने के लिये प्रभावित अंग के तंत्रिका तंत्र के संपर्क मे कोई दूसरा रसायन आना चाहिये, जिससे तंत्रिकाये मस्तिष्क को अन्य संकेत भेज सके। यह दूसरा रसायन जल, दूध, बर्फ या मिठाई भी हो सकती है।
ध्यान रहे हमारी जिव्हा मे तंत्रिका कोशीकाये ज्यादा घनत्व मे होती है।...........साभार (विज्ञानं विश्व )

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